किस जुर्म के चलते हाथी को फांसी की सजा दी गई Elephant Hanged To Death

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हाथी को फांसी

कोई फिल्म शुरू होती है तो कभी कभी एक डिस्क्लेमर आता है कि इस फिल्म में किसी जानवर को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। अगर सच में नुकसान पहुंचा दिया तो पेटा वाले धर लेते हैं, नहीं तो मेनका गांधी भरता बना देती हैं। होना भी यही चाहिए। जानवरों पर अत्याचार करना इंसान का काम नहीं है। लेकिन एक बार सारी लिमिट क्रॉस हो गई थी। इंसान भी जानवर बनकर कितना क्रूर हो सकता है, इस बात का उदाहरण 13 सितंबर, 1916 के दिन हुई घटना से दिया जा सकता है। अमेरिका के टेनेसी में करीब ढाई हजार से ज्यादा लोगों के बीच एक मैरी नामके हाथी को फांसी दी गई थी वो भी खुलेआम।

दरअसल, मामला तकरीबन सौ साल पुराना है यानी 1916 की बात है टेनेसी में चार्ली स्पार्क अपना ‘स्पार्कस वर्ल्ड फेमस शो’ नाम का एक सर्कस चलाता था। इस सर्कस में अन्य प्राणीयों के साथ करीब 50 कुंटल वजन वाली मैरी नाम की एशियन मादा हाथी भी थी। मैरी सर्कस का मुख्य आकर्षण थी। वो अपनी सूंड से सींग बजाती थी और 25 तरह का म्यूजिक निकालती थी। एक दिन किसी कारणवश मैरी के महावत यानि Care-taker ने अपनी नोकरी छोड़ दी, इस वजह से रेड एल्ड्रिज नाम के एक नौसिखिये को जॉब पर रख लिया गया। 38 साल के इस आदमी के पास घर नहीं था इसीलिए नौकरी मिल गई थी। अपनी जॉइनिंग के अगले दिन मैरी को उसने संभाल लिया। उसके हाथ में एक भाला पकड़ा दिया गया। समझा दिया गया कि मैरी के कान पर धीरे से इसे मारना है।

एक दिन चार्ली ने सर्कस के प्रमोशन के लिए शहर में परेड का आयोजन किया था। इस परेड में सर्कस के सभी कलाकार और जानवरों के साथ मैरी भी शामिल हुई थी। रेड एल्ड्रिज को अभी सर्कस जॉइन किए कुछ दिन ही हुए थे, इस वजह से उसे मैरी को कंट्रोल करने में तकलीफ हो रही थी। मैरी और रेड दोनों को एक दूसरे का कुछ भी अनुभव नहीं था। इस दौरान रास्ते में पड़े एक तरबूज को खाने की लालच में मैरी आगे बढ़ रही थी और रेड उसे रोकने के लिए बार-बार उसके कान के पीछे भाला मार रहा था। मैरी उसकी बार बार की हरकत से परेशान हो गई। उसने सूंड घुमाई और एल्ड्रिज को उठा के जमीन पर पटका दिया। उसके सिर पर लात रखके कुचल दिया। खोपड़ी फट गई, एल्ड्रिज मर गया। जिन लोगों ने ये देखा उनके होश फाख्ता हो गए। सब गिरते पड़ते वहां से भागे।

इस घटना से घबराए हुए दर्शक चिल्ला कर भागने लगे, कुछ लोग हंगामा शुरू किया और ‘हाथी को मार डालो, हाथी को मार डालो’ के नारे लगाने लगे। सनसनीखेज समाचार पत्रों की कहानियों की वजह यह घटना आसपास के शहरों में भी फैल गई। शहर के लोगों ने जिद्द करके सर्कस के मालिक से हाथी को मृत्युदंड देने की मांग कर दी और धमकी दी कि अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया तो वे सर्कस शहर मे होने नहीं देंगे।




चार्ली बिजनेसमैन था। उसको लगा कि एक हाथी की वजह से सर्कस बंद करना ठीक नहीं है। उसने मैरी को मारने का फैसला लिया, लेकिन उसे तमाशा दिखाने का एक्सपीरिएंस था। मैरी की मौत को भी तमाशा बनाने का मन बना लिया। तय हुआ कि मैरी को फांसी दी जाएगी। सोचो एक हाथी के लिए फांसी की सजा, कितना वाहियात आइडिया था। लेकिन इंसान पर शैतान सवार होता है तो ऐसे ही जुगाड़ दिमाग में आते हैं।

लोगों ने मैरी को मृत्युदंड देने के लिए सुझाव भी दिए, कुछ लोगों ने दो रेलवे इंजनों के बीच मैरी को धीरे-धीरे कुचलने की वकालत की। दूसरों ने उसके सिर को एक इंजन और उसके पैरों को दूसरे इंजन से बांधकर खिचने की भी बात कर दी ताकि उसका शरीर 2 टुकड़ो में टूट जाये और वो मर जाये। कुछ ने तो करेंट देकर मरने का सुझाव भी दिया। कौन बेहतर है इसके विवाद का भी था। ज़रा सोचिये एक तरफ बेचारी हाथी और दूसरी तरफ उसे मरने के लिए पूरा शहर। और उस हाथी को पता तक नहीं की पूरा शहर उसे मरने का प्लान बना रहा है।

खैर, 13 सितंबर के दिन मैरी को ट्रेन में लादकर एरविन ले जाया गया। वहां एक क्रेन मंगाई गई, जो 100 टन का वजन उठा सकती थी। ये क्रेन वहां रेलवे के डिब्बे या बाकी सामान उठाने का काम करती थी। एरविन में उस टाइम नया नया रेलवे का काम चल रहा था। मैरी को क्रेन से बांध दिया गया। उसकी गर्दन में मोटी जंजीर लपेटी गई, फिर क्रेन ने उसे उठाया। मैरी इतनी जोर से चिंघाड़ी लोगों की हालत पतली हो गई। दर्द से छटपटाती मैरी सिर्फ पांच फिट ऊपर पहुंची थी कि चेन टूट गई। वो नीचे गिरी और उसके कूल्हे की हड्डियां टूट गईं। दोबारा और मोटी चेन मंगवाई गई। फिर से उसकी गर्दन में बांधी गई। फिर क्रेन से उठाया गया और आधे घंटे तक लटका के रखा गया। तब जाकर सबको यकीन हुआ कि ये मर चुकी है।

वो दिन है और आज का दिन है। एरविन शहर मैरी की फांसी के लिए याद किया जाता है। तब से जानवरों के खिलाफ क्रूरता पर कितने कानून बन चुके हैं। सजा कितनों को मिली है इसका पता नहीं। लेकिन इंसान सनकी है। तभी तो कभी मजे के लिए कुत्ते को जलाने की, कभी दांत के लिए हाथी को मारने की, कभी सींग के लिए हिरन को मारने की खबरें आती रहती हैं।



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