दांतों में दर्द क्यों होता है दांतों में दर्द के घरेलु उपाए Home remedies for toothache

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दांतो के दर्द से छुटकारा पाए 

हेलो दोस्तों, दांत का दर्द एक ऐसी समस्या है जिसके कारन हमारा मन अपने काम में नहीं लग पाता और समय के साथ साथ यह दर्द अधिक होता जाता है। दांतो का दर्द सड़न या फिर कीड़े लगने की वजह से होता है। यह सड़न अम्ल पैदा करने वाले बैक्टीरिया में बदल जाती है। अगर इस पर ध्यान न दिया जाये तो सड़न धीरे धीरे अधिक होने लगती है और दांतो के इनेमल लेयर में छेद करके, अंदरूनी नसों तक पहुंच जाती है। इन्फेक्शन होने पर या किसी अन्य गंभीर स्तिथि में दांतो को निकालने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचता। दांतो की सड़न और कैविटीस की मुख्य वजह होती है, वो है हमारे मुँह में रहने वाले बैक्टीरिया, जीने हम अपनी आखो से नहीं देख सकते।

दांतों में छेद होने को वैज्ञानिक भाषा में दन्त क्षयया कैविटी कहते है। मुंह में मौजूद एसिड के कारण दांतों के इनेमल खोखले होने लगते हैं जिसके कारण कैविटी का निर्माण होता है। मुंह में मौजूद बैक्‍टीरिया (लार, खाद्य कणों एवं अन्य पदार्थों के साथ) दांतों कि सतह पर जमा होने लगते हैं जिसे प्लॉक कहा जाता है। प्‍लॉक में मौजूद बैक्‍टीरिया आपके खाने में मौजूद शुगर एवं कार्बोहाइडेट को अम्ल में परिवर्तित कर देता है इसी अम्ल के कारण दांत खोखले होने लगते हैं, फलत: कैविटी का निर्माण होता है। लेकिन कुछ घरेलू उपायों को अपनाकर दांतों में मजबूती बनाने के साथ प्राकृतिक रूप से कैविटी से लड़ा जा सकता है।

आज हम बात करने वाले है कुछ ऐसे उपाय के बारे में जिनके ज़रिये, दांतो की गंभीर सड़न से भी आप छुटकारा पा सकते है। ऐसे तरीके जिनके ज़रिये पुराने समय के लोग बिना डेंटिस्ट के अपने दांतो का इलाज करते थे।

लहसुन

लहसुन दांतो के दर्द के लिए एक उत्तम औषधि है। इसमें एंटी-बायोटिक भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। लहसुन की कुछ कलियों को कूटकर उसमें थोड़ी मात्रा में नमक या काली मिर्च मिलाकर दर्द वाली जगह पर लगाने से आराम मिलता है। इसमें ज़रूरी और ध्यान देने वाली बात यह है कि लहसुन को अच्छे से कूट कर ही इस्तेमाल करे, न की काटकर। क्योंकि कुचलने पर ही लहसुन से तेल का स्त्राव होता है।




तिल और लॉन्ग का तेल

लौंग कैविटी के साथ-साथ किसी भी प्रकार की दांतों से जुडी समस्‍याओं के लिए रामबाण होता है। एंटी-इंफ्लेमेंटरी, एनाल्‍जेसिक और एंटी-बैक्‍ट‍ीरियल गुणों के कारण लौंग दर्द को कम करने और कैविटी को फैलने से रोकता है। लॉन्ग में इतनी ताकत होती है के इसके इस्तेमाल से दांतो को गला कर खोखला करने वाले बैक्टीरिया तेज़ी से कम होने लगते है। एक चमच तिल के तेल में, 3 से 4 बून्द लॉन्ग का तेल दाल कर इससे रोज़ाना खाली पेट 10 मिनट कुल्ला करे। इसके साथ ही तिल के तेल और लॉन्ग के तेल को बराबर मात्रा में मिक्स कर ले और कॉटन की दन्त के आकार की छोटी से बॉल बनाकर तैयार हुए तेल में भिगो दे। उसके बाद इस कॉटन बॉल को कैविटी वाले दांतो के बीच में 10 से 15 मिनट तक दबा कर रखे। ऐसा करने से कॉटन में मौजूद ऑइल दांतो के बीच जाता रहेगा, जिससे कुछ दिनों में ही काफी फायदा मिलेगा। यह प्रक्रिया दिन में 2 से 3 बार हर बार खाना खाने के बाद कुल्ला करके दोहराये।

फिटकरी

फिटकरी का इस्तेमाल ज्यादा पुरूषों द्वारा शेव के बाद किया जाता है। लेकिन इसका प्रयोग मात्र यही तक सीमित नहीं है। फिटकरी हर घर में होनी चाहिए। इसके एंटी−बैक्टीरियल गुण कई छोटी−बड़ी परेशानियों को बेहद आसानी से दूर करते हैं। इसकी महत्ता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि आयुर्वेद में भी इसके कई गुणों व लाभ का बखान किया गया है। फिटकरी के इस्तेमाल से चाहे आपको दांतो में सदन हो, या मसूड़ों की कमज़ोरी, यह हर चीज़ में लाभदायक होगा। इसके इस्तेमाल के लिए, एक कप पानी में एक फिटकरी के टुकड़े को 1 या 2 मिनट तक रखले। उसके बाद इस पानी को मिलाकर इसमें डाली गई फिटकरी हो बहार निकाल ले और तैयार पानी को अपने मुँह में रख कर 3 से 4 मिनट घुमाते रहे। इस नुस्खे को दिन में 2 से 3 बार दोहराये।

नमक पानी

सबसे पहले आपको गर्म पानी चाहिए होगा और फिर गर्म पानी में नमक को मिला दीजिये। ऐसा करने से यह एक प्राकृतिक एंटीसेप्टिक माउथवॉश की तरह काम करेगा। नमक और गर्म पानी के इस घोल से कुल्ला करने से आपके दांत के दर्द को काफी राहत मिलेगी।

तो दोस्तों, ये थे कुछ दांतो की सदन और दर्द को मिटा देने के लिए घरेलु नुस्खे। इनके इस्तेमाल से आपको अपने दांत में थोड़े समय में ही काफी राहत मिल जाएगी।



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