दुनिया के सबसे खतरनाक डैम World’s most dangerous dam

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दुनिया के सबसे खतरनाक डैम

दोस्तों, डैम हमारे लिये काफी लाभकारी साबित होते हैं। आधुनिक समय में इसके कितने फायदे होते हैं। ये तो आप सभी जानते हो लेकिन क्या आप जानते हो कि दुनिया में बहुत से ऐसे डैम भी हैं, जो किसी न किसी कारण से बहुत खतरनाक बन जाते हैं। तो चलिए जानते हैं ऐसे ही कुछ खतरनाक डैम्स के बारे में:–

भाखड़ा नांगल बांध


पंजाब और हरियाणा के बॉर्डर पर बना यह बांध भारत का एक बहु उद्देशीय बांध हैं, जिससे करीब 1300 मेगावाट बिजली का तो उत्पादन होता ही है, साथ ही साथ पंजाब और हरियाणा के करीब आधे से ज्यादा खेती को पानी भी इसी से मिलता है। असल मे कई बार लोग यह समझते हैं कि यह एक ही बांध है, पर ऐसा नही है। यह दो अलग अलग बांध हैं, जो एक दूसरे से करीब 10 किमी की दूरी पर बने हैं, पर दोनो का उद्देश्य एक ही है। भाखड़ा बांध ऊँचाई पर बना हुआ है जबकि नांगल बांध कम ऊँचाई पर है। यदि कभी भाखड़ा बांध टूट भी जाता है तो नांगल बांध उसका पानी रोक लेगा, पर यदि ये दोनों बांध टूट जाते हैं तो ऐसा अनुमान है कि आधे से ज्यादा पंजाब और हरियाणा बहकर पाकिस्तान में चला जायेगा, साथ ही सबसे बड़ी तबाही तो पाकिस्तान में आएगी जहां लाखो लोगो की जिंदगी इससे बहुत अधिक प्रभावित होगी।

टिहरी बांध

जिस दिन यहां 9 एम.एम. तीव्रता वाला भूकम्प आयेगा उस दिन से समूचा देश खतरे में आ जाएगा। आपको यह भी बता दे कि 1991 में उत्तरकाशी में भयंकर भूकंप आया था जिसकी तीव्रता तकरीबन 8.5 आकी गई। टिहरी बांध देश का अबतक का सबसे ऊंचा बाँध है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या भविष्य़ में टिहरी बांध खतरे में आ सकता है, और अगर भविष्य में बांध टूटा तो क्या होगा। दरअसल जब बांध बन रहा था तो यह सवाल सभी वैज्ञानिकों के दिमाग में दौड़ रहा था कि अगर बांध टूटता है तो आगे क्या होगा। अपनी एक किताब में एक वैज्ञानिक ने लिखा है भूकम्प की स्थिति में यदि यह बांध टूटा तो जो तबाही मचेगी, उसकी कल्पना करना भी कठिन है। इस बांध के टूटने पर समूचा आर्यावर्त, उसकी सभ्यता नष्ट हो जाएगी। पश्चिम बंगाल तक इसका व्यापक दुष्प्रभाव होगा। मेरठ, हापुड़, बुलन्दशहर में साढ़े आठ मीटर से लेकर 10 मीटर तक पानी ही पानी हो जाएगा। हरिद्वार, ऋषिकेश का तो नामोनिशां तक नही रहेगा।

थ्री गॉर्जस डैम


चीन का निर्माण कार्य हमेशा ही दुनिया में सबसे बड़ा रहता है। यही कुछ देखने को थ्री गॉर्जस डैम में भी मिलता है। आज तक दुनिया में जितने भी चीज़े इंसानों ने बनाई हैं उनमें से यह एक सबसे मज़बूत और व्यवस्थित डैम है। इस डैम की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि इसमे इतना पानी है कि धरती भी 0.06 माइक्रोसैकेण्ड धीरे घूमने लगती है, और यह बीच मे फ्लैट और ध्रुवों पर ज्यादा गोल हो गई है। करीब 40 बिलियन टन वाटर को 175 मीटर ऊपर रखने से अर्थ का रोटेशन भी धीरे हो गया है। लेकिन जब से यह डैम बनकर तैयार हुआ है तब से चीनी सरकार की मुसीबतें बढ़ गई है। इसके बनने के साथ ही 13 बिलियन लोगो को अपना घर, शहर, गाँव छोड़कर जाना पड़ा है। आसपास के इलाकों में लगातार बाढ़ आने की समस्या बढ़ गई है। भूमि स्खलन भी एक बड़ी समस्या बनकर उभरी है।

द एंगयुरी डैम


कोकेकस में यह अब तक सबसे बड़ा हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्लान है। इस प्लांट के महत्व को आप इस बात से समझ सकते हैं कि यह प्लांट करीब आधे जोरजिया को इलेक्ट्रिसिटी देता है। इस डैम का निर्माण 1970 में किया गया था। इतना महत्वपूर्ण डैम फिर भी आज की डेट में यह एक खतरनाक डैम माना जाता है, और इसका कारण इस डैम की लोकेशन है। यह डैम एक पर्वत श्रेणी के एक सकरे से जगह पर बना हुआ है। अब असल मे दिक्कत यह आ रही है कि पानी के बहाव के कारण वह पर्वत का हर साल 5 10 सेमी धसता जा रहा है। जो कि विशेषज्ञों के लिए एक बड़ी चिंता की बात बनी हुई है। यदि कभी इस रीज़न में भूकंप आया गया तो कैसे यह डैम कमजोर आधार पर खुद को बचा पायेगा। इसके साथ ही यह डैम जॉर्जिया में बना हुआ है जबकि इसका पवार स्टेशन रिपब्लिक ऑफ अबकेजिया में है। यदि कभी इन दोनों देशों के बीच कोई संघर्ष की स्थिति आती है तो भी इस डैम का भविष्य एक चिंता का विषय बनकर उभरेगा।

मोसुल डैम

इराक के मोसुल में पाई जाने वाली टिगरिस नदी पर बना यह बांध करीब 2 मील चौड़ा है। इस डैम का कितना महत्व यह आप इस बात से समझ सकते हैं एक बार आतंकी संगठन ISIS ने इस डैम पर कब्जा कर लिया था, जिसके 10 दिन सेनाओं से इसे इनके चंगुल से मुक्त कराया था। क्या हो यदि यह डैम कभी टूट जाये तो? इस डैम के टूटने से करीब 5 लाख लोगों की जान जा सकती है। इसका प्रभाव बगदाद तक दिखाई  देगा।

करिबा डैम

साउथ अफ्रीका के जम्बेजी नदी पर बना यह 55 वर्ष पुराना डैम आज दुनिया का दूसरा सबसे खतरनाक डैम माना जाता है। कारण है कि यदि इसका आगे आने वाले 3 सालों में बड़े स्तर पर रिपेयरिंग का काम शुरू नही हुआ तो, यह करीब 3.5 लाख लोगों की जान ले सकता है।

इसाबेल लेक डैम


अमेरिका की इसाबेल लेक पर बना डैम भी इस वक़्त दुनिया एक खतरनाक डैम माना जाता है। कारण है इसकी लोकेशन। इस वक़्त यह डैम ऐसी जगह पर है जहां भूकंप इसको तोड़ सकते हैं, जो लाखो लोगों की जान के लिए खतरा बन सकता है। इसलिए अब इस डैम को और अच्छे तरह से बनाया जा रहा है। इस डैम के आसपास दो और डैम बनाए जा रहे हैं, जो इसके लोड को कम कर सके।

सयानो-शुशेंसेया डैम


यह डैम सोवियत यूनियन की धरती पर बना अब तक का सबसे बड़ा डैम है। कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब इस डैम का निर्माण चल रहा था, उस वक़्त सोवियत इंजीनियर ने कुछ कैलकुलेशन में गलती की थी, जिसका खामियाजा 1.5 मिलियन लोगो को भुगतना पड़ सकता है। इस दौरान उन्होंने पानी से पैदा होने वाली शॉक वेव्स को ध्यान में न रखते हुए इसका निर्माण किया था।

तो दोस्तों क्या कहते हैं? हैं न ये डैम्स ये काफी खतरनाक?
तो चलिए अब इसी बात पर एक शेयर कर दीजिये और ऐसे ही आर्टिकल को पढ़ने के लिए आप हमारी वेबसाइट MachooFact को फॉलो करते रहें। धन्यवाद



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