दुनिया में 20 फीसदी आबादी लॉकडाउन, 200 करोड़ से ज्यादा लोग घरों में कैद Coronavirus Outbreak

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200 करोड़ से ज्यादा लोग घरों में कैद कई देशों ने सील की अंतररष्ट्रीय सीमाएं

लंदन: वैश्विक महामारी कोरोना वायरस चलते दुनिया थमने के कगार पर पहुंच चुकी है। तेजी से आते नए मामलों और लगातार बढ़ती मृतकों की संख्या से पूरा विश्व जूझ रहा है। अब तक 18,900 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। कोरोना को और फैलने से रोकने के लिए 200 करोड़ से अधिक लोगों को उनके घरों में ‘कैद’ कर दिया गया है। यानी दुनिया की 20 फीसदी आबादी घरों में रहने को मजबूर है। यूरोप समेत कई देशों ने अपनी सीमाएं सील कर आवाजाही पूरी तरह से रोक दी है। भारत ही नहीं, इटली, स्पेन और फ़्रांस समेत दो दर्जन देशों में लॉकडाउन है।

दो सप्ताह से 6 करोड़ लोग कैद 

कोरोना की सबसे ज्यादा मार झेल रहे इटली ने 10 मार्च को लॉकडाउन घोषित किया था। यहाँ अब तक 6,820 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 69,176 लोग इसकी चपेट में हैं। लाशों को दफ़नाने के लिए सेना की मदद ली जा रही है। इटली ने देश के भीतर गैर आवश्यक गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इस महीने शुरुआत से ही स्कूल, कॉलेज, दुकानें, मॉल और बाजार बंद हैं। करीब 6 करोड़ लोग अपने घरों में कैद हैं।

यहाँ भी है लॉकडाउन

भारत के अलावा कुवैत, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, पोलैंड, डेनमार्क, कोलंबिया, आयरलैंड, पुर्तगाल, चेक गणराज्य, बेल्जियम, नार्वे, चीन, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड, इटली, स्पेन, फ्रांस, जर्मनी और स्लोवेनिया में भी लॉकडाउन है। कई अमेरिकी राज्यों में भी लॉकडाउन है। जॉर्डन में शनिवार से अनिश्चित्तकालीन लॉकडाउन लागू है। इस्राइल में आंशिक लॉकडाउन है। यूरोपीय संघ 16 मार्च से 30 दिनों के लिए गैर जरुरी यात्राओं पर बैन लगा चुका है। मलयेशिया बैंकिंग, ब्रॉडकास्टिंग, हेल्थकेयर और जरुरी सामान वाली दुकानों को छोड़कर सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर रोक लगा चुका है।




न्यूजीलैंड में महीने भर का लॉकडाउन

कोरोना के मामले बढ़ने के बाद न्यूजीलैंड में भी बुधवार से लॉकडाउन शुरू हो गया है। कोरोना को फैलने से रोकने के लिए यहां एक महीने का लॉकडाउन घोषित किया गया है। इस दौरान लोग घरों से बाहर नहीं निकल सकेंगे। वहीं, अन्य देशों की राह पर चलते हुए दक्षिण अफ्रीका ने भी 26 मार्च बृहस्पतिवार से लॉकडाउन की घोषणा कर दी है। आवश्यक प्रतिष्ठानों को छोड़कर बाजार बंद रहेंगे। लोगों के घरों से बाहर निकलने पर रोक लगा दी गई है। पुलिस और सेना को सड़कों पर उतार दिया गया है।

16 मार्च से ही बंद है फ्रांस

फ्रांस में अब तक 11,000 लोग अपनी जान गवा चुके हैं। 22,303 लोग वायरस से संक्रमित हैं। चीन, ईरान, इटली, स्पेन के बाद फ्रांस पांचवा ऐसा देश है, जहाँ कोरोना ने सबसे अधिक कहर ढाया है। फ्रांस 16 मार्च से लॉकडाउन है और लोगों के घरों से बाहर निकलने पर पूरी तरह से पाबंदी है।

रूस में नियम तोड़ने पर हो सकती है जेल

मास्को : रूस में कोरोना वायरस के वजह से बनाए गए क्वारंटीन के नियमों को तोड़ने वालों के लिए सात साल तक की जेल के कानून का प्रस्ताव किया गया है। यह भी कहा गया है कि क्वारंटीन का उल्लंघन करने वालों को पांच लाख से लेकर 20 लाख रूबल का जुर्माना भरना पड़ सकता है।

स्पेन बढ़ा सकता है लॉकडाउन

एक और यूरोपीय देश स्पेन में 42,058 लोग कोरोना से संक्रमित हैं और 2991 लोगों की मौत हो चुकी है। इटली के बाद स्पेन, यूरोप में सबसे ज्यादा प्रभावित है। स्पेन पहले ही राष्टीय आपदा घोषित कर चुका है और अब लॉक डाउन को 15 और दिनों के लिए बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। 14 मार्च को घोषित लॉकडाउन के बाद से कड़े प्रतिबंध लागू हैं।



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