बूढ़े हो या जवान देशी घी जरूर खाएं, देशी घी के फायदे और नुकसान

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देशी घी के फायदे और नुकसान

दोस्तों, आपकी अच्छी सेहत और स्वास्थय को ध्यान में रखते हुए आज हम बात करेंगे एक बहुत महत्वपूर्ण विषय की जिसका नाम है घी।

आज भी कुछ लोग ऐसे ही हैं जो अपने भोजन में घी खाना पसंद करते हैं। कुछ लोग घी के इतने शौकीन होते हैं कि घी में खाना पकाने के बाद भी पूरी डिश तैयार होने के बाद, उसमें कुछ अतिरिक्त मात्रा में डालते हैं। हम सभी अपनी पसंद के अनुसार घी का सेवन करना पसंद करते हैं। घी का उपयोग कई अलग-अलग खाद्य पदार्थों में किया जाता है, जैसे कि चपाती के साथ, दाल में, चावल और पुलाव के साथ। इसका सेवन हर उम्र के व्यक्ति के लिए लाभदायक होता है। और हर मौसम में खाया जा सकता है, फिर भी लोग इस्तेमाल सर्दियों के मौसम में ज्यादा करते हैं।

फिर भी आज हम में से ज्यादा लोग डाइट कॉन्शियस है और ऐसी चीजों का सेवन करते है। जिसके कि हमारा वजन और कोलेस्ट्रॉल न बढ़ सकें। कुछ विदेश की कम्पनियो ने भारत के युवाओं में इस बात का भी डर फैला दिया है कि घी से ज्यादा नुक्सान दायक कुछ भी नहीं। यह सब उन्होंने अपने अपने रिफाइंड और डालडा तेल की बिक्री बढ़ाने के लिए है।

पहले जमाने में लोग सिर्फ देसी घी से बना खाना खाते थे, और इस चीज को हम बहुत अच्छी तरह से समझते हैं कि उनका जीवन और स्वास्थय इक्कीसवीं सदी के लोगो से कई गुना बेहतर होता था। पर दोस्तों अगर हम बात करें उन विदेशी कंपनियों के तथ्यों की, जिनके अद्धर पर वह लोग घी के सेवन को गलत ठहरा रहे है वह भी गलत नहीं है। जहां घी पोषण का भंडार है वही इसके कुछ नुक्सान भी है।

तो चलिए चर्चा करते है घी के कुछ फायदों और नुक्सान की –

अब आपके प्रश्न पर आते हैं, आपको घी के फायदे और नुकसान बताने से पहले, मैं आपको बताना चाहता हूं कि किसी भी भोजन के पोषक घटक, विशेष रूप से विटामिन, दो श्रेणियों-पानी में घुलनशील विटामिन और वसा में घुलनशील विटामिन में बांटा गया हैं।

विटामिन A, विटामिन K, और विटामिन D, वसा में घुलनशील विटामिन की श्रेणी में आते हैं। इन विटामिनों के लिए, घी का सेवन बहुत महत्वपूर्ण है। जब हमारे आहार में इन वसा घुलनशील विटामिन की आवश्यकता होती है, तो घी बहुत लाभदायक साबित होता है। घी में “ओमेगा फैटी एसिड” होता है जो मानव मस्तिष्क की क्षमता में सुधार करने में मदद करता है। यह हमारे शरीर के जोड़ों में तरलता बनाए रखने में भी मदद करता है।

आयुर्वेद के अनुसार, घी बहुत फायदेमंद है और यह आपके जीवनकाल की अवधि को बढ़ाने में भी मदद करता है। सभी के लिए सबसे अधिक लाभ गाय के दूध से प्राप्त घी है। घी के कई फायदे हैं जिनकी चर्चा नीचे की गई है।

देशी घी के फायदे

यह सीएलए और K2 में समृद्ध है;

ये अम्ल घी को अपने एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-वायरल गुण प्रदान करते हैं जो आपके चेहरे पर उम्र बढ़ने के लक्षणों से और झुर्रियों से बचाता है।

नारियल के तेल की तरह, यह पोषण से समृद्ध है;

घी मध्यम सैचुरेटेड फैट से समृद्ध होता है जो सीधे यकृत द्वारा सोखा जाता है, और ऊर्जा उत्पादन के लिए उपयोग किया जाता है। इसलिए घी का उपयोग एथलीटों द्वारा ऊर्जा स्रोत के रूप में किया जा सकता है।

विरोधी कैंसर

आंत्र सूजन और पेट की स्थिति जैसे अल्सरेटिव कोलाइटिस और क्रोहन रोग के इलाज के लिए घी का उपयोग किया जाता है। आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने भी सूजन को कम करने के लिए सदियों से घी का इस्तेमाल किया।

घी का उपयोग बिना किसी एक्सपायरी डेट के किया जाता है क्योंकि यह आसानी से खराब नहीं होता है। इसके अलावा  शुद्ध घी में मक्खन की तुलना में कम वसा होता है जो उच्च कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों के लिए बेहतर विकल्प है।

यह शरीर में कुछ वसा के लिए शरीर के लिए आवश्यक है जो कोशिका झिल्ली को मजबूत करने, पेट की रक्षा करने और तंत्रिका, मस्तिष्क, त्वचा और शरीर को स्वस्थ रखने जैसे ऊर्जावान कार्य करता है। घी खाने के स्वाद को बेहतर बनाने का काम भी करता है।

देशी घी के नुक्सान

दोस्तों इसके साथ ही सबसे महत्वपूर्ण बात आयुर्वेदा के हिसाब से “अति सर्वत्र वर्जयेत ” मतलब किसी भी अति मतलब जरुरत से अधिक मात्रा हमेशा ही नुक्सानदायक होती है, इसी तरह घी को अधिक मात्रा में सेवन करना भी नुक्सानदायक हो सकता है, इसी चीज को ध्यान में रखते हुए बात करते है घी को अधिक मात्रा में सेवन के बाद होने वाले नुक्सान की

घी का मुख्य नुकसान घी का अनावश्यक मात्रा में सेवन है। इसलिए यह तेजी से शरीर का वजन बढ़ाता है, जिससे कई बीमारियां पैदा होती हैं। वजन बढ़ने के कारण गर्भवती महिलाओं के लिए भी घी हानिकारक है।

घी से उन लोगों को बचना चाहिए जो मोटापे से ग्रस्त हैं या जिनको कोई हृदय रोग है। किडनी की बीमारी या पेट से संबंधित समस्याओं से पीड़ित व्यक्ति भी घी खाने से परहेज करें। मोटे या अधिक वजन वाले लोगों को इससे बचना चाहिए क्योंकि यह उनके वजन में इजाफा कर सकता है और परिणामस्वरूप उन्हें अस्वस्थ बना सकता है।

हृदय रोगियों को घी खाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसमें फैटी एसिड होते हैं जो रक्तचाप को बढ़ाते हैं, और दिल का दौरा पड़ने के चांस को बढ़ाते देते हैं।

पीलिया जैसी बीमारियों वाले लोगों, या जिन लोगों को कुछ पेट की परेशानी है। उन्हें भी घी से बचना चाहिए क्योंकि इससे लिवर की कुछ बड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

दोस्तों, अगर आप घी से होने फायदों को ध्यान में रखें तो यह अमृत के समान है और शरीर में से कई बीमारिया खत्म करने के काम आता है। तो अब यह आपको तय करना है कि आपको घी से होने फायदों को कैसे अपने जीवन में अपनाना है और स्वास्थय रहना है। दोस्तों आज का आर्टिकल आपको कैसा लगा हमें कमेंट जरूर करें। धन्यवाद

 



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