ब्लैक माम्बा: जिसका काटा पानी भी नहीं मांगता

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ब्लैक माम्बा: जिसका काटा पानी भी नहीं मांगता

Hello दोस्तों। आज की इस पोस्ट में हम बात करेंगे एक ऐसे सांप की जो दुनिया का सबसे खतरनाक सांप माना जाता है। दुनिया में साँपों की कई प्रजातियां पाई जाती है। जिनमे से अकेले अफ्रीका में ही साँपों की तीन हजार प्रजाति पाई जाती हैं। इन्ही में से एक है ब्लैक माम्बा। ऐसा कहा जाता है की साँपों की ये प्रजाति इतनी खतरनाक होती है कि अगर ये सांप किसी इंसान को काट लेता है तो उसका बचना नामुमकिन है। तो दोस्तों चलिए जानते हैं इस खूबसूरत मौत के नाम से मशहूर ब्लैक माम्बा के बारे में –

सिर्फ अफ्रीकी जंगल में रहते हैं ब्लैक माम्बा

ब्लैक माम्बा साँपों की सबसे खतरनाक प्रजाति है। दुनिया के पांच सबसे जहरीले साँपों में इसका नाम आता है। आपको इस बात की ख़ुशी होनी चाहिए की ये सांप भारत में नहीं पाया जाता, ये सिर्फ अफ्रीका में पाए जाते हैं और वहां होने वाली मौतों के लिए ये सांप सबसे ज्यादा जिम्मेदार है। अगर आप इन साँपों को देखना चाहते हैं तो सब सहारा चले जाएँ। जहाँ ये अनगिनत संख्या में आपको देखने को मिल जायेगें। सबसे हैरान करने वाली बात ये है की दूसरे साँपों की प्रजातियों की तुलना में ब्लैक माम्बा की संख्या सबसे अधिक है। ये सांप दिखने में बेहद ही खतरनाक दिखते हैं और जंगल के घने पेड़ों और झाड़ियों और लकड़ी के कचरों में रहना पसंद करते हैं।

ब्लैक माम्बा सांप की लम्बाई 

ब्लैक माम्बा सांप की लम्बाई लगभग 02 मीटर होती है। हालाँकि कई बार लगभग 5 मीटर तक की लम्बाई वाले साँपों को जंगल में देखा गया है। ये सांप रेंगने के मामले में दूसरे साँपों से बहुत तेज हैं। जो लगभग 20 KM प्रति घंटा की रफ़्तार से अपने शिकार का पीछा करते हैं।

एक झटके में मौत देता है ब्लैक माम्बा सांप

खतरा महसूस होने पर ये लगातार 10 से 12 बार काटता है और 400 मिली ग्राम तक जहर इंसान के शरीर पर छोड़ता देता है। इसका जहर फ़ास्ट एक्टिंग न्यूरो टॉक्सिन होता है। ब्लैक माम्बा का सिर्फ 01 मिली ग्राम जहर ही इंसान को मौत के घाट उतारने के लिए काफी है। इसके काटते ही इंसान की आँखों के आगे अँधेरा छा जाता है। और शरीर के जिस हिस्से पर यह काटता है वहां बहुत ही तेज दर्द होता है। जिसे सहना इंसान के लिए मुश्किल हो जाता है।

ब्लैक माम्बा के काटे पर बचना मुश्किल

इसके काटने पर बचने का एक तरीका है। वो है एंटी बेनिन। लेकिन इसके बनने से पहले माम्बा का काटा कोई भी इंसान नहीं बच सकता था। अगर जब भी यह सांप काटे और उस इंसान को 20 मिनट के भीतर एंटी बेनिन का डोज ना मिले तो इंसान का मरना तय माना जाता है। यह सांप इतना खतरनाक है कि आप इस बात का अंदाजा इसी बात से लगा सकते है कि एक आकड़े के अनुसार ब्लैक माम्बा के काटने से हर साल बीस हजार लोगों की जान चली जाती है।

क्यों रखा गया ब्लैक माम्बा नाम

अब आप सोच रहें होगे कि इसका नाम ब्लैक माम्बा इसलिए रखा गया है क्योंकि इसका रंग काला होता है। लेकिन ऐसा बिलकुल भी नहीं है। ये सांप खतरे की स्थिति में अपना रंग बदलने का हुनर रखता है। जो भूरा, हरा और पीला हो जाता है। ब्लैक माम्बा अपने एक बार के जहर से 10 से 25 युवा लोगों को मार सकता है। इसलिए इसका नाम ब्लैक माम्बा रखा गया है।

कैसे करता है ब्लैक माम्बा शिकार

अगर इस सांप को कहीं भीड़ भाड़ ज्यादा दिखाई देती है तो ये सांप लोगों पर टूट पडता है। अगर आप बच गए तो ठीक नहीं तो ये अपना जहर आपके शरीर में छोड देता है। ब्लैक माम्बा आमतौर पर छोटे जीव जन्तु और पक्षियों का शिकार करना पसंद करता है। लेकिन इन साँपों का शिकार करने का तरीका भी दूसरे साँपों से एकदम अलग होता है। ब्लैक माम्बा सबसे पहले अपने शिकार का तेजी से पीछा करता है और फिर उसे पकडकर उसके अन्दर अपना पूरा जहर छोड देता है। ये अपने शिकार पर तब तक नजर रखता है। जब तक उसका जहर असर दिखाना शुरू न कर दें। कुछ देर इंतजार करने के बाद जब शिकार पैरालाईज होकर मर जाता है। तो वो उसे निगल जाता है।

सबसे बडी हैरान कर देने वाली बात ये है कि ये अपने से चार गुना बडे जीव को भी आराम से खा जाता है। ब्लैक माम्बा अपने प्रजनन के दौरान करीब 06 से 25 अंडे देता है।

इन साँपों के बारे में कहा जाता है कि अगर मादा एक बार अंडे दे देती है तो उसके बाद दोवारा उन्हें कभी नहीं देखती यानी उन्हें छोडकर चली जाती है।



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