मॉथमैन – एक सच्ची घटना सुनकर हैरान हो जाओगे

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हमारी दुनिया में कई ऐसे रहस्य व कहानियां हैं जिन्हें आज तक कोई सुलझा नहीं पाया है। इनमे से कुछ को अफवाहें मान कर भुला दिया गया तो कुछ समय के साथ बदलती गईं। जलपरियां, वैम्पायर्स, वॉल्वरीन, यूएफओ जैसी कई अनसुलझी पहेलियां हैं जो वक्त के साथ खबरों में आती रहती हैं। आज हम बताएँगे एक ऐसे प्राणी के विषय में जो दिखने में एक चिड़िया और मनुष्य का मिला जुला रूप है, या कहें mutant है।

इस कहानी की शुरुआत नवंबर 1966 को होती है जब वेस्ट वर्जिनिया के पॉइंट प्लीजेंट शहर मे खुदाई कर रहे कुछ लोगों ने आसमान में एक आदमी को उड़ता हुआ देखा। उन्होने बताया “वो हमारे ऊपर उड़ रहा था…. उसे देख हम बेहद डर गए थे। वो विशाल पंखों वाला एक भयानक जीव था जिसकी आंखें एकदम सुर्ख लाल थीं”। अगले ही दिन लोकल अख़बार में छपी इस खबर ने स्थानीय लोगों को बुरी तरह से आतंकित कर दिया। अख़बार ने इस अलौकिक प्राणी को मॉथमैन का नाम दिया।

इससे पहले कि लोग इस खबर को भूल जाते एक और युवा जोड़े ने पुलिस को बताया कि पिछली रात वर्ल्ड वॉर के समय के एक मिनिएचर प्लांट के पास से गुजरते हुए उनकी कार के आगे अचानक एक इंसान आ गया जो बेहद बड़ा और सफेद पंखों वाला था और उसकी आंखें लाल हेडलाइट की तरह चमक रही थी। उन्होंने उस भयानक प्राणी से बचकर निकलने की कोशिश की। लेकिन उसने काफी दूर तक उनका पीछा किया।

एक और घटना के अनुसार एक व्यक्ति अपने घर में बैठे थे जब एक अजीबो-गरीब आवाज सुनकर वे अपने बागीचे में गए और एक चमकदार आंखों वाला प्राणी देखा जो ना तो किसी जानवर जैसा था और ना ही इंसान जैसा। उस जीव को देखकर उनका कुत्ता भी डर गया। मारे डर के वे जल्दी से घर के अंदर चले गए। उस घटना के बाद उनका कुत्ता दोबारा नहीं दिखाई दिया।

कुछ लोगों के अनुसार मॉथमैन पालतू जानवरों को अपना निवाला बनाता था, लेकिन किसी इंसान को कभी नुकसान नहीं पहुंचाया। जहां एक और बहुत से लोग ये मानते थे कि मॉथमैन स्वयं दुर्घटना लेकर आता था, वहीं बहुत से लोग यह भी कहते हैं कि मॉथमैन होने वाली दुर्घटना से पहले लोगों को सचेत करने आता था।

कुछ समय तक इस जीव पर कई शोध व बहस चली लेकिन अंत में विशेषज्ञों के हाथ कुछ ना लगा। अमेरिकी लेखक जॉन ए कील के अनुसार ये प्राणी एक alien था जिसका वर्णन उन्होने अपनी किताब “द मॉथमैन प्रोफेसीस” में किया और 2002 में इसी नाम की हॉलीवुड फिल्म भी आयी थी।

15 दिसंबर 1967 को ओहियो का सिल्वर ब्रिज अचानक कितने ही लोगों के साथ चकनाचूर होकर नदी में समा गया जिसमे करीब 46 लोग मारे गए। जांच विशेषज्ञो ने पाया कि पुल की कमजोर संरचना ही इस दुर्घटना का कारण थी। लेकिन दूसरी और एक शख़्स का यह भी कहना था कि सिल्वर ब्रिज के गिरने से कुछ देर पहले ही उसने पुल के पास मॉथमैन को देखा था। आश्चर्य की बात यह थी कि इस दुर्घटना के बाद मॉथमैन को फिर कभी नहीं देखा गया।

क्या मॉथमैन का उस मिनिएचर प्लांट के पास दिखना कोई इत्तेफाक था, जहां वर्ल्ड वॉर के दौरान सेना के कई गुप्त शोध किए जा रहे थे? यदि हाँ, तो हो सकता कि मॉथमैन एक पक्षी ही हो जो वहाँ मौजूद रेडिशन और केमिकल से संक्रमित होकर ऐसा बन गया। या हो सकता है यह जीव भगवान द्वारा भेजे हुए किसी दूत का काम कर रहा था जो लोगों को आसपास संकट होने का पैगाम देने आया था?

मॉथमैन तो चला गया लेकिन पॉइंट प्लीजेंट शहर की संस्कृति, जॉन कील द्वारा लिखी गई किताबें और सन 2002 में रिलीज हुई फिल्म द मॉथमैन प्रोफेसिस के रूप में मॉथमैन शायद आज भी जिंदा है जिसका जश्न यहाँ के लोग “एनुअल मॉथमैन फेस्टिवल” के रूप में मनाते हैं।

आपको क्या लगता है, क्या मॉथमैन जैसे जीव अभी भी विज्ञान की समझ से परे हैं या ऐसे जीव हमारे बीच मौजूद हैं और सुरक्षा कारणों से ये खबरें दबा दी जाती हैं? हमे अपनी कमेंट करके अवश्य बताएं।



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