ये घटना नही एक पहेली है Unexplained Mystery of Last Year

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ये घटना नही एक पहेली है Unexplained Mystery of Last Year

नमस्कार दोस्तों, Machoo Fact में आपका स्वागत है और इस पोस्ट में हम आपको पिछले ही साल हुई एक ऐसी घटना के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने दुनिया भर के वैज्ञानिकों को सोचने पर मजबूर कर दिया और दुनिया के लिए एक रहस्य बन गयी। तो चलिये आपको बताते हैं आपको इस अनसुलझे रहस्य के बारे में:-

दोस्तों जैसा कि हम जानते ही हैं कि हमारी पृथ्वी का लगभग 71% भाग जलमग्न है। इसमे  भी 96.5% जल तो सिर्फ समुद्रों और महासागरों में ही पाया जाता है। ऐसे में इस जलमग्न दुनिया का हमारे ऊपर प्रभाव पड़ना भी लाजमी है। हमने कई बार ऐसा देखा है कि महासागरों के अंदर होने वाली किसी भी घटना से हमारा जीवन काफी प्रभावित होता है। फिर हम उस घटना की वजह का पता लगाने की कोशिश करते हैं ताकि अगली बार इस तरह की घटनाओं से बचाव किया जा सके। लेकिन कभी कभी इन महासागरीय दुनिया में कुछ ऐसी घटनाएं घटित हो जाती है, जो बेहद ही रहस्यमयी होती है। जिनका जवाब बड़े-बड़े वैज्ञानिक भी नही दे पाते हैं।

ऐसी ही एक रहस्यमय घटना हमे 11 नवंबर 2018 को मैडाटे के फ्रांसीसी द्वीप मेडागास्कर के तट के पास दिखी, जिंसमे कुछ अविस्मरणीय भूकंपीय लहरों ने पूरे तट को हिलाकर रख दिया था। अब आप शायद यही सोच रहे होंगे कि आखिर भूकंप की घटना में रहस्यमय जैसी बात क्या हो सकती है। यह तो एक प्राकृतिक घटना है। लेकिन दोस्तों इस घटना में ऐसा बहुत कुछ देखने को मिला, जिसके बाद इस भूकंप की स्टडी करने वाले वैज्ञानिक भी आश्चर्यचकित रह गए।

इस घटना पर स्टडी कर रहे वैज्ञानिक के लिए सबसे बड़ी पहेली इस घटना के टाइमिंग रही। आमतौर जब भी कोई समुद्र के अंदर भूकंपीय घटना होती है, तो वह अधिकतम 30 सेकेंड तक अपना प्रभाव दिखाती है, उसके बाद जिन प्लेटों के टक्कर के कारण यह भूकंप पैदा हुआ था, वह प्लेट्स एक संतुलन की अवस्था तक पहुँचने लगती है, और भूकंपीय तरंगों का प्रभाव खत्म होने लगता है। लेकिन इस घटना में ऐसा कुछ नही हुआ। यह भूकंप की तरंगें पूरे 20 मिनट तक महसूस होती रही, जो कि एक आम पैमाने से 40 गुना ज्यादा था। ऐसे में वैज्ञानिकों के लिए यह बात हैरत में डालने वाली थी।

इस घटना का रहस्य बस यही पर समाप्त नही हो जाता है। जैसे-जैसे आंकड़े सामने आते गए, वैसे ही रहस्य की परतें और गहरी होती चली गई। इस भूकंप के बाद पता चला कि इसकी तरंगों का प्रभाव केंद्र से 18000 किमी दूर भी देखा गया, और इन तरंगों ने इतनी दूरी तय करने में मात्र एक घंटे और 15 मिनिट का समय लिया।

वैज्ञानिकों के लिए यह गुत्थी तब और उलझ गई, जब उन्होंने भूकंपमापी द्वारा इन तरंगों का अध्ययन किया। इस दौरान उन्होंने पाया कि इन तरंगों और भूकंप के दौरान उठने वाली तरंगों के कई असमानताएं हैं। भूकंपीय तरंगों की एक खास बात होती है, की हर तरंग 17 सेकंड के बाद रिपीट होती है। दूसरे शब्दों में कहे तो तरंगों के क्रम में बहुत अधिक विविधिता नही देखने को मिलती है। वही तरंगे कुछ वक्त के बाद वापस रिपीट होती रहती है। पर इस केस में जो दिखा वह वैज्ञानिकों के लिए किसी रहस्य से कम नही था।

वैज्ञानिकों ने पाया इन तरंगों के क्रम में बहुत अधिक अनियमितता है। कभी कोई छोटी तरंग आ रही है, तो कभी अचानक एक बड़ी तरंग आ रही है। यहां तक कि इन तरंगों के वापस रिपीट होने का भी कोई एक खास वक़्त नही है। ऐसे में यह गुत्थी वैज्ञानिकों के लिए और उलझ गई।

इस घटना के बाद कई तरह की परिकल्पनाएं सामने आई। जैसे कुछ के अनुसार हो सकता है कि यह तरंगे किसी घुमकेतु आदि के समुद्र में गिरने के कारण उत्पन्न हुई हो। पर जब गहन स्टडी की गई तो पता चला कि ऐसी कोई भी घटना उस दिन वहां नही हुई थी। दूसरी थ्योरी यह सामने आई कि समुद्र के अन्दर जरूर कोई इंसानी गतिविधि के कारण यह हुआ होगा। लेकिन 11 नवंबर को घटी यह घटना आज भी एक अनसुलझी पहेली है।

 

तो दोस्तों आप इस घटना के बारे में क्या सोचते हैं? हमें कमेंट करके जरूर बताएँ और इस आर्टिकल को शेयर जरूर कर देना। आपका हर शेयर हमें आपके लिये ऐसी ही पोस्ट के लिए प्रोत्साहित करता है। अगर आप हमारी वीडियोस देखना चाहते हैं तो आप हमारे YOUTUBE चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं। धन्यवाद!

 



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