सिर्फ चेहरा देख कर जानिए अपने शरीर के बारे में Know how healthy you are by face

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सिर्फ चेहरा देख कर जानिए सेहत का हाल 

शरीर के अंदर चल रही गंभीर अंदरूनी हलचल का तब तक पता नहीं चलता जब तक वह किसी विशेष लक्षण के रूप में हमें नज़र नहीं आ जाती, जैसे की पेट दर्द हमें पेट में खराबी होने का संकेत देता है, खासी गला ख़राब होने का, पिम्पल्स बताते है पेट खराबी या होर्मोनेस का असंतुलन होना। इसी तरह हमारा चेहरा भी हमारी सेहत से जुड़े कई सारे संकेत देता है। हमारे शरीर में होने वाले छोटे से लेकर बड़े बदलाव के पीछे शरीर के अंदरूनी अंग का ही हाथ होता है। यही वजह है जब हम सेहत ठीक न होने के कारन डॉक्टर के पास जाते है तो वे हमारा चेहरा देख कर बीमारी का पता लगा लेते है।

हमारे शरीर के सभी अंदरूनी अंग एक दूसरे से जुड़े हुए होते है। आपस में जुड़े हुए होने की वजह से पॉइंट थेरेपी से भी कई बीमारियों का इलाज बिना ऑपरेशन के किया जाने लगा है। चेहरे पर अलग अलग हिस्से पर होने वाले दाग, पिम्पल्स, कालापन, बारीक़ दाने, तिल, मस्से, जरिया और अलर्जीज़ को एक तरह के संकेत की तरह देखा जाता है। जिनसे किडनी, फेफड़े, दिमागी स्थति, लिवर के साथ साथ शरीर के दूसरे सभी अंगो की दशा, शरीर में पोषक तत्वों की कमी या किसी तरह की बीमारी का समय से पहले ही पता लगाया जा सकता है। बिना किसी चेकअप के भी शरीर में बढ़ी हुई शुगर, कोलेस्ट्रॉल, यूरिक एसिड तथा, अंदरूनी अंगो से जुडी समस्याओ का पता लगाना आसान हो जाता है, साथ ही लक्षणों के ज़रिये खानपान और आदतों में बदलाव लेकर शरीर में हो रही गड़बड़ी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।

आइये जानते है चेहरे के अलग अलग हिस्से हमारी बॉडी के किन किन इंटरनल ऑर्गन्स से जुड़े होते है और त्वचा में दिखने वाले बदलाव हेल्थ से जुडी किन किन बातो की जानकारी देते है।

माथे का ऊपरी हिस्सा

माथे का ऊपरी हिस्सा यानि की माथा, हमारी बड़ी आंत और मूत्राशय से जुड़ा हुआ होता है। अगर माथे का हिस्सा पूरी तरह साफ है तो ये अच्छे पाचन की निशानी मणि जाती है और ऊपरी माथे में पिम्पल्स ये बताते हे के खाने में लापरवाही के चलते पाचन में कही न कही गड़बड़ी है और शरीर में टॉक्सिन्स की मात्रा बढ़ रही है। अगर आपके माथे पर भी पिम्पल्स है तो ऐसे में जंक फ़ूड बंद कर दे और एंटीऑक्सीडेंटस की मात्रा बढ़ने की कोशिश करे। ऐसे में ग्रीन टिया, अलसी के बीज और निम्बू पानी जैसी चीज़ो का सेवन किया जा सकता है।

ऊपरी माथे का हिस्सा अगर लाल हो तो ये अधिक शराब या चाय कॉफ़ी पीने का संकेत है। सफ़ेद चक्ते या डेग धब्बे बहुत ज़्यादा डेरी प्रोडक्ट और गंदे तेल के सेवन का नतीजा है।

माथे का निचला हिस्सा हमारी दिमागी सेहत, पाचन, श्वसन तंत्र, और नाड़ी तंत्र से जुड़ा हुआ होता है। इस जगह पिम्पल्स होना स्ट्रेस, डिप्रेशन, ठीक नींद न होना वगेरे के कारन हो सकते है। इस जगह पर सूजन वाले लाल पिम्पल्स बहुत अधिक दवाइया, एंटीबायोटिक्स और केमिकल वाली चीज़ो का सेवन करने का संकेत देती है। माथे पर होने वाले मुहसो के पीछे बालो में लगाए जाने वाले प्रोडक्ट्स का हाथ हो सकता है।  माथे पर ज्यादा मात्रा में प्रोडक्ट्स लगाने से इसका असर हमारे फोरहेड पर भी आ सकता है।

नाक वाला भाग

दोनों आइब्रो के बिच वाला हिस्सा लिवर और पितसय से जुड़ा हुआ होता है। जितना लिवर पर भर बढ़ता है उतनी ज्यादा आइब्रो के बिच में रेखाएं बढ़ने लगती है और हमें कफ का मात्रा अधिक होनेका संकेत देती है। और इस एरिया में पीलापन होना लिवर में पथरी होने का संकेत देता है, ऐसे में खाने पर ध्यान देने की अवयस्कता होती है।




हमारी नाक, नदी तंत्र और दिल की गतिविधिओ से जुडी।  किसी व्यक्ति की नाक के आकार, प्रकार और बनावट से उसके बर्ताव का पता लगाया जा सकता है। हाई ब्लड प्रेशर और स्ट्रेस के चलते नाक पर मुहासे हो सकते है और साथ ही बड़े आकार वाले पिम्पल्स खून में असुद्धता का संकेत देते है। ज़्यादा सरब, धूम्रपान, गुठका और चाय जैसी चीज़े नाक पर एक्ने को जन्म दे सकती है। अगर नाक का रंग चेहरे से लाल हो तो इसका मतलब लिवर ठीक तरह से काम नहीं कर रहा।

आँखें

आँखों के चारो और का बदलाव हमारे खानपान की आदतों को दर्शाता है। बहुत ज़्यादा नमक, मेढे वाली चीज़े, स्नैक्स जैसी चीज़े हमारी किडनी के काम को मुश्किल बना देती है, जिससे उसमे सिकुड़न आने लगती है और आखो के आसपास कालापन आना शुरू हो जाता है। और आखो अस पास की त्वचा अगर बैंगनी रंग की नज़र आए तो यह खून में शुगर बढ़ने का संकेत हो सकता है।

कान

कान की नसों का सम्बन्ध हमारे दिमाग और किडनी से जुड़ा हुआ होता है। कान पर जब पिम्पले हो जाये तो ये किडनी की गड़बड़ी को दर्शाता है। कान का लाल रहने हाई ब्लड प्रेशर का संकेत है और जिन लोगो को अधिकतर गुस्सा आता है उनके कान भी लाल और गर्म रहते है।

गालो की त्वचा

हमारे गालो की त्वचा फेफड़ो की गतिविधियों, रक्त संचरण और पाचन से प्रभावित होते है। दाये तरफ वाले गाल में हुए पिम्पल्स एलर्जी, धूम्रपान और रेस्पिरेटरी स्ट्रेस की वजह से हो सकते है।

मुँह और होठ

हमारे मुँह और होठो के आसपास की त्वचा का हमारे पेट और छोटी आंत का असर होता है। गुलाबी और लाल रंग के होठ शरीर में सही ब्लड प्रेशर और साफ़ खून को दर्शाता है। और यह ये भी संकेत देते है की हमारे फेफड़े और पाचन तंत्र सही तरह से काम कर रहे है।

सूखे और बेरंग होठ शरीर में होमोग्लोबीन और खून की कमी का संकेत देते है। यह चीनी का ज़्यादा सेवन करने या धूम्रपान करने से भी हो सकते है। कब्ज़ और अपाचन के कारन हमारे होठो के आसपास पिम्पल्स भी हो सकते है, ऐसे में ज़्यादा से ज़्यादा हरी सब्ज़िया खाये।

दाढ़ी

हमारी दाढ़ी हमारे रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स और किडनी का संकेत देती है। महिलाओ के मासिक धर्म में गड़बड़ी होने पर दाढ़ी पर पिम्पल्स हो सकते है। ऑयली त्वचा वाले लोगो को धूल और मिटटी से बहुत जल्दी ब्लैकहेड्स होने लगते है जो बाद में त्वचा पर काले धब्बे भी छोड़ जाते है। इसका आलावा उम्र के साथ साथ इस जगह पर पिम्पल्स और एक्ने होने की सम्भावना हो सकती है।

तो दोस्तों, इस तरह से हम हमारे चेहरे के अलग अलग संकेत के द्वारा किसी की भी सेहत का हाल जान सकते है।



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