5 मौसमी परिवर्तनों का सामना करने वाले जानवर

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5 मौसमी परिवर्तनों का सामना करने वाले जानवर

हम सभी मनुष्य और जानवर कुदरत का एक ऐसा हिस्सा है जो इससे कभी भी अलग नहीं हो सकता। हम सब कुदरत में होने वाले हर तरह के बदलावों को महसूस करते है, और इससे होने वाले फायदे और नुक़्सानो को भी झेलते है। कुदरती बदलावों में सबसे पहला नाम आता है मौसमी बदलवों का। कभी ठण्ड, कभी गर्मी, कभी बारिश और ना जाने कितने ही अलग तरह के मौसम। हर मौसम अपनी एक अलग खासियत के साथ आता है। पर इनका हद से ज्यादा हो जाना धरती पर रहने वाले जीवो के लिए परेशानी बन जाता है ।

इन मौसमो में खासकर के आज हम बात करने वाले है ठण्ड के या फिर बर्फ के मौसम की। इस मौसम में मानो धरती पर जीवन थोड़ा धीमा सा हो जाता है। हर तरफ बर्फ और ठण्ड की वजह से लोगो को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में इंसान तो खुद को छिपाने के लिए घर का सहारा ले लेता है पर जानवर तो बिचारे ऐसे कंपकंपाती ठण्ड में अपने आप को जीवित रखने का हर सफल प्रयास करते है। आज हम ऐसे ही कुछ जानवरों की बात करेंगे, जिन्होंने अपने शरीर में बर्फ की ठण्ड से लड़ने के लिए कुछ जरुरी बदलाव किये और जिन्दा भी रहे। इस आर्टिकल में आज हम आपको कुछ ऐसे तथ्य बताने वाले है जिन को देख कर आप खुद कहेंगे… अरे यह कैसे बच निकला।

क्रोकोडाइल

जब भी हम ऐसे जानवरो की बात करते है तो नार्मल हम पोलर बेयर, पेंगुइन, सील जैसे जानवरो के बारे में सोचते है। क्योंकि यह जानवर ज्यादातर ठन्डे इलाको में ही पाएं जाते है। पर आज हम बात करने वाले है एक मगरमछ यानी की क्रोकोडाइल की। अब कुदरत ने इनको भी एक अजीब ताक़त बक्श रखी है जिसका इस्तेमाल करके यह खुद को कंपकंपाती ठण्ड में भी जीवित रखतें है।

यह मगरमछ अपने मुँह के हिस्से को पानी से बहार रखते है ताकि इनको ठन्डे पानी में भी साँसे लेने की दिक्कत न हो।हां ठन्डे पानी में पड़े रहने से इनके शरीर की बाकी कुछ जरूरी गतिविधियां धीमी जरूर हो जाती है। जिसकी वजह से इनके शरीर के तापमान में भी काफी कमी आती है। पर लगातार साँसे मिलते रहने की वजह से धीमी गतिविधियों के बावजूद भी इनके शरीर में ऑक्सीजन की कमी नहीं होती और उनका जीवित रहना मुमकिन बना रहता है। जब ठण्ड काम होती है तो इनके शरीर का तापमान वापस नार्मल हो जाता है, इसीलिए कहा जाता है की मगरमछ पर यकीन करना वाकये ही खतरे से कम नहीं होता।

कछुए

हम अब जिस जानवर की बात करने वाले है वो भी  Reptile ही है। इस जानवर की खासियत यह है की चाहे तापमान कितना ही क्यों न गिर जाए पर इनके शरीर में कुछ ऐसी ख़ास गतिविधिया होती है जिसकी वजह से जीरो से भी कम तापमान में खुद को बचा लेते है। बहुत सी बार ऐसे देखा गया है की किसी बर्फ की जमी हुई झील के निचे कछुये दबे हुए मिलते है फिर भी यह जिन्दा होते है। दोस्तों एक्सपर्ट्स की माने तो इसकी वजह है इनके शरीर पर मौजूद एक सख्त कवरिंग, जो इनको जरुरत से ज्यादा ठण्ड और गर्मी में बचाती है।

गरुड़

हम आसमान में उड़ते गरुडो को तो कई बार देखा है। पर क्या आपने कभी सोचा है की अगर कोई गरुड़, किसी बर्फीले इलाके में बर्फ में जम जाए तो क्या वो जीवित रह सकेगा? सोच ने पर यह बहुत न मुमकिन सा लगता है पर असलियत इससे कुछ अलग है। कई बार ऐसा देखा गया है गरुड़ बर्फ में जम जाते है जिनकी वजह से इनका उड़ना मुश्किल हो जाता है। पर इनके शरीर पर मौजूद पंख इनको जीवित रहने में काफी मदद करते है। इनके जमे हुए होने की बाद भी यह जिन्दा रहते है और तापमान नार्मल होने के बाद वापिस पहले की तरह उड़ना शुरू कर देते है।

फिश

मछली जल की रानी है जीवन उसका पानी है।

इस कविता को तो हम सब जानते ही है पर क्या अपने कभी सोचा है की अगर मछली का जीवन कहा जाने वाले पानी अगर बर्फ में तब्दील हो जाए तो क्या हो।

जी हाँ बहुत सी बार यह देखा गया है की मछली जिस पानी में रह रही होती है अगर वो पानी बर्फ में बदल भी जाए तो भी पानी के नार्मल हो जाने के बाद तक मछलियों की कई प्रजातियां जिन्दा रहती है। ऐसी अपर शक्ति को कुदरत ने ख़ास जीवो को ही दिया है। है न यह भी हैरान कर देने वाली बात।

सांप

दोस्तों हमने सांप को अपने जीवन में बहुत सी बार देखा  होगा। कई कई बार तो यह पानी के अंदर भी देखे जाते है। पर अगर पानी मेंरहते हुए, पानी बर्फ की तरह जम जाए तो क्या हो? इस पर यकीन करना थोड़ा मुश्किल है पर स्नेक एक्सपर्ट्स ने बहुत सी बार ऐसे सांपो को देखा है जो जमे हुए पानी भी जीवित रहते है और पानी के नार्मल होने के बाद फिर से सामन्य जीवन जीने लगते है।

तो दोस्तों यह थे कुछ जानवर जिनको कुदरत ने अपर शक्ति का दान दे रखा। जिसकी वजह से असामन्य हालतो में भी खुद को जीवित रख सकते है। इन्ही कुछ करने की वजह से आज के साइंस और टेक्नोलॉजी के युग में भी भगवान का होना संभव लगता है।

 



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