7 रहस्य जो कभी नहीं सुलझ पाए Unsolved mysteries of the world

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कुदरत की शक्ति के अनसुलझे रहस्य 

दोस्तों दुनिया में लोगों को रहस्यमई चीजें समझाना और पहेलियों को सुलझाना बहुत अच्छा लगता है। लोग इसे अक्सर अपना टाइमपास समझते हैं या फिर इसके द्वारा ज्ञान प्राप्त करने की कोशिश करते हैं। पर क्या आपने कभी ऐसा सोचा है कि अगर कोई रहस्य या पहेली कभी कोई सुलझाए ना पाया हो? तो क्या हो?

यह धरती बहुत ही खूबसूरत है और ना जाने कितने ही खूबसूरत जीव, पशु पक्षियों और जगहों के साथ ही भरी हुई है। इसके प्राकृतिक नजारों को देखकर हर कोई चकित रह जाता है। वही यह अपनी सुंदरता से लोगों को आकर्षित करती है

दोस्तों दुनिया भर में अनेको ऐसी जगह है जो रहस्यों से भरी पड़ी है। इनमे से कई जगहों के रहस्यों को वैज्ञानिक आज तक जरा भी सुलझा नहीं पाये है। भारत में वृंदावन की रासलीला और ताजमहल में कब्र पर गिरने वाले पानी के राज को आज तक कोई नहीं पता कर सका है। ठीक इसी प्रकार दुनिया में भी कई जगह ऐसी हैं जो रहस्यमयी हैं। आपको ऐसी जगहों के बारे में जानकर सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है? ऐसे स्थान आज भी गहन रहस्य बने हुए हैं। 

यह रहस्य इतने गहन हैं कि इनको जानना हमेशा से मनुष्य के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती बना हुआ है। इन रहस्यों को देखकर लगभग हर कोई यह सोचता है कि यह चीजें पृथ्वी के कुछ जरूरी नियमों के खिलाफ कैसे काम करती है। और इनके पीछे ऐसी कौन सी कुदरती शक्ति है जो सबको चकित कर रही है?

यह स्थान कितने रहस्यमई हैं जिनका अनुभव करने के लिए लोगों ने अपनी जान तक दे दी फिर भी इसके पीछे का कारण ना समझ सके। आज हम आपको इस दुनिया की कुछ रहस्यमयी जगहों के बारे में बताएंगे। हमें यकीन है कि इन जगहों के बारे में जानकर आप भी आश्चर्यचकित रह जाएंगे।

डेथ वैली (Death Valley, California)

बचपन से हमें यही सिखाया गया है कि निर्जीव वस्तुएं चलती नहीं, पर क्या आपने कभी पत्थरों को अपने आप चलते हुए देखा है। कैलिफोर्निया (California) की डेथ वैली (Death Valley) में कुछ पत्थर अपने आप खिसक कर एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँच जाते है। जी हां सही सुना आपने, हम बात कर रहे हैं निर्जीव पत्थरों की।

पत्थरों का एक स्थान से दूसरे स्थान तक चले जाना नासा के लिए भी एक पहेली बना हुआ है। ये पत्थर अपने आप से ही खिसक कर आगे बढ़ते है। जिससे इनके चलने का निशान भी इनके पीछे बनता जाता है। इनमे से कुछ पत्थरों का वजन तो 1 टन (Ton) तक है। पत्थरों का अपने आप चलना वैज्ञानिकों के लिए एक रहस्य बना हुआ है। हालांकि किसी ने भी उन पत्थरों को अपनी आँखों से खिसकते हुए नहीं देखा। सर्दियों में ये पत्थर अपने आप खिसक कर 250 मीटर से ज्यादा दुरी तक तय कर लेते है।

सन 1972 में इस रहस्य को सुलझाने के लिए वैज्ञानिको की एक टीम बनाई गई। उस टीम ने पत्थरों के एक Group पर अलग अलग नाम लिख दिये, और उन सभी पत्थरों का 7 साल तक अध्ययन किया। उनमें से एक पत्थर का नाम केरीन था। इस पत्थर का वजन लगभग 317 Kg था। वैज्ञानिको के अध्ययन के दौरान यह पत्थर अपने स्थान से जरा भी नहीं हिला। लेकिन जब वैज्ञानिक कुछ साल बाद वापस लौटे, तो उन्होंने केरीन नाम के पत्थर को लगभग 1 किलोमीटर दूर पाया। वैज्ञानिकों ने अपनी Research के दौरान पाया की तेज रफ्तार से चलने वाली हवाएँ और रात को जमने वाली बर्फ और सतह के ऊपर गीली मिट्टी की पर्त के कारण, पत्थर एक स्थान से खिसक कर दूसरे स्थान पर पहुँच जाते है।

ब्लड फॉल्स (Blood Falls, Antarctica)

Water Falls इस प्रकृति (Nature) की एक सुंदर देन है जो लोगो को हमेशा ही अपनी ओर आकर्षित कर लेते है। लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी कि एक झरना ऐसा भी है जिस का रंग लाल है। इस झरने को देखने से ऐसा लगता है मानो खून बह रहा हो। इसी कारण इसे ब्लड फॉल्स (Blood Falls) भी कहा जाता है।

वैज्ञानिकों ने इस झरने पर की गई Research के दौरान अनुमान लगाया कि इस जगह बर्फ के नीचे शायद लौह तत्व अधिक मात्रा में मौजूद है। जिसके कारण पानी का रंग लाल हो जाता है। लेकिन आज भी यह झरना सभी के लिए एक रहस्य बना हुआ है।

आईजेन ज्वालामुखी (Ijen Volcano, Indonesia)

आपने ज्वालामुखी (Volcano) में से निकलता लावा लाल अथवा पीले रंग का देखा होगा पर इस ज्वालामुखी से नीले रंग के खूबसूरत लावे निकलते हैं। 

आपने लाल लावे तो जगह-जगह देखे होंगे लेकिन नीले लावे (Blue Lava, Indonesia) देखने के लिए तो इंडोनेशिया आना होगा। इसके पीछे का राज है कि ज्वालामुखी से लगातार सल्फ्यूरिक गैस निकलती है। ये गैस हवा के साथ रिएक्ट करती है और देखने वाले को नीले रंग की प्रतीत होती है। जैसे-जैसे लावा निकलता है वैसे-वैसे वह गैस के प्रभाव की वजह से नीले दिखलाई पड़ते हैं।

एटर्नल फ्लेम फाल्स (Eternal Flame Falls, New York) 

दुनिया में आपने बहुत सारी ऐसी जगह देखी होगी या फिर उन जगहों के बारे में सुना होगा जिन पर यकीन करना आसान नहीं होता। ऐसी जगहों को देखकर या फिर उनके बारे में सुनकर मन में एक ही सवाल उठता है, कि ऐसा कैसे हो सकता है?

इन अजीबो-गरीब जगहों में से ऐसी ही एक जगह एटर्नल फ्लेम फाल्स (Eternal Flame Falls, New York) में भी है। जहाँ एक छोटे से बहते हुए झरने के नीचे आग की जलती हुई लौ दिखाई देती है। देखने वाले लोग इस दृश्य को देखकर आश्चर्य प्रकट करते है, और सभी के मन में सिर्फ एक सवाल उठता है कि यह कैसे संभव है।

इस झरने और इसकी जलती हुई लौ को लेकर वैज्ञानिक ने कई शोध किये। वैज्ञानिकों के द्वारा किये गये शोध के अनुसार चट्टान के नीचे मीथेन गैस निकलती है। किसी कारण से इस मीथेन गैस में आग लग गयी, और तब से ही यह आग निरंतर जल रही है।

भारत के हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा (Kangra) जिले में स्थित माता के एक प्रमुख शक्ति पीठ ज्वालामुखी देवी के मंदिर में भी प्राचीन काल से एक ज्वाला निरंतर जल रही है। इस ज्वाला के जलने के पीछे भी वैज्ञानिक इसी सिद्धांत को मानते है।

वेटोमो केव्स (Waitomo Caves, New Zealand)

न्यूजीलैंड (New Zealand) में मौजूद वेटोमो केव्स (Waitomo Caves) की खूबसूरती देखने लायक है। वेटोमो केव्स (Waitomo Caves, New Zealand) के अंदर से नदी बहती है। पर इस केव की असली खूबसूरती इसकी छत है। दरअसल इसकी  छत के ऊपर फंगस जम गई है जिसके ऊपर चिपके ग्लो वोर्म्स की वजह से केव्स की छत आसमान में तारों की तरह दिखाई पड़ती है।

ग्लो वोर्म्स अपने नीचे सिल्वर रंग के धागे छोड़ती है जो इनके रोशनी की वजह से चमकती है। ग्लो वोर्म्स अपनी चमक से कीड़े-मकोड़ों को सिल्वर धागों में फंसा लेती हैं। अंधेरे केव्स में चमकते ये ग्लो वोर्म्स और सिल्वर थ्रेड्स काफी खूबसूरत दिखते हैं। ऐसा माना जाता है कि यह ग्लोवर्म जितने ज्यादा भूखे होते हैं उतनी ही ज्यादा इन की चमक बढ़ जाती है। यह नजारा अपने आप में अद्भुत होता है। जब आपको आसमान में दिखने वाले तारे एक बंद गुफा में देखने को मिलते हैं। 

लेन्कोइस नेशनल पार्क (Lencois Maranhenses National Park, Brazil)

ब्राजील का लेन्कोइस मारनहेन्स नेशनल पार्क (Lencois Maranhenses National Park in Brazil) दुनियाभर में रेगिस्तानी टीलों के बीच स्विमिंग पूल के लिए जाना जाता है। देश के उत्तर-पूर्वी तटीय क्षेत्र में यह पार्क 1550 वर्ग किलोमीटर में फैला है। यहां कुछ कदम की दूरी पर मानव निर्मित सैकड़ों जलाशय हैं। विदेशी पर्यटकों के लिए यह प्रमुख आकर्षण है। अलग-अलग मौसम में रेत के टीलों की ऊंचाई बदलती रहती है। साल के कुछ महीनों में यहां स्विमिंग की जा सकती है। 

यहां स्विमिंग (Swimming) होने के पीछे का कारण है बारिश के पानी का इकट्ठा होना। जी हां, यहां पर बनने वाले स्विमिंग पूल मानव निर्मित नहीं है। यहां पर बारिश का पानी जमीन में समाने की बजाये रेत की सतह के ऊपर इकट्ठा हो जाता है। और वे इतनी ज्यादा मात्रा में इकट्ठा होता है कि लोग इसमें आराम से स्विमिंग कर आनंद उठा सकते हैं। आश्चर्य है कि यहां का दृश्य तो रेगिस्तान जैसा है, लेकिन कई दिनों तक घनघोर वर्षा होती है। 

इस रहस्य को कोई नहीं जान पाया कि यहां पर पानी जमीन में क्यों नहीं समाता? और क्यों रेत की सतह के ऊपर ही इकट्ठा होने लगता है? असल में दो जून 1981 में इसे फिल्म ‘द हाउस ऑफ सैंड (The house of sand)’ के लिए बनाया गया था। इस जगह पर रजनीकांत-ऐश्वर्या राय की फिल्म ‘एंधीरन (Endhiran)’ का भी एक गीत फिल्माया जा चुका है। पार्क का प्राकृतिक महत्व बनाए रखने के लिए यहां तक कोई सड़क नहीं बनाई गई। ज्यादातर वाहनों को यहां प्रवेश नहीं है।

कैनो क्रिस्टल्स (Cano Cristales, Colombia)

कैनो क्रिस्टल्स (Cano Cristales) नदी कोलंबिया (Colombia) में बहती है। ये नहीं सिर्फ नदी ही नहीं है बल्कि प्रकृति की अनूठी कला है, जो हर किसी की आंखों को आश्चर्यचकित कर देती है। लोगों को कुदरत के इस करिश्मा पर एकबार को यकीन ही नहीं होता।

कैनो क्रिस्टल्स नदी कोलंबिया (Cano Cristales, Colombia) के मेटा राज्य के सेरानिया डे ला मैकारेना (Serrania De La Macarena) इलाके में बहती है। जो पूर्व में बहने वाली ग्वायाबैरो नदी में जाकर मिल जाती है। कैनो क्रिस्टल्स नदी की लंबाई करीब 100 किलोमीट है, वहीं इसकी चौड़ाई करीब 20 मीटर है। कैनो क्रिस्ट्ल्स नदी के रंग बदलने की ये अद्भुत घटना जून से लेकर नवंबर के बीच कुछ सप्ताह के लिए दिखाई देती है। जब इसका तापमान एकदम सही होता है।

एक खास वक्त में कैनो क्रिस्टल्स नदी का रंग लाल, नीला, पीला, हरा और नारंगी हो जाता है। इसीलिए इस नदी को लिक्विड रैनवो यानि पानी का इंद्रधनुष कहते हैं। कुछ लोग इसे पांच रंगों वाली नदी के नाम से भी जानते हैं। ज्यादातर दिनों में इस नदी का रंग हल्का या गहरा गुलाबी और हल्का या गहरा लाल होता है। मगर कभी-कभी इसका रंग नीला, पीला, नारंगी और हरा भी हो जाता है।

बता दें कि इस नदी में ना कोई मछली पाई जाती है और ना ही कोई अन्य जलीय जीव। इसलिए यहां लोग स्विमिंग का भी आनंद उठाते हैं।

कुछ विशेषज्ञों ने काफी रिसर्च के बाद यह पाया है कि इस नदी का रंग इसमें मौजूद काई के रंग की वजह से है। जी हां, इस नदी में अलग-अलग रंग की काई जमती है जिस वजह से नदी में अनेक रंग दिखाई देते हैं। 

कई बार यह प्रश्न उठाए जाते हैं कि इस कुदरत या फिर इस दुनिया को नियंत्रण करने के लिए भगवान है या नहीं? दोस्तों यही कुछ चीजें हैं जिनके वजह से आज भी हमें इस बात की तसल्ली मिलती है, कि हम सब को नियंत्रित करने के लिए कोई अपारशक्ति तो जरूर है। जो कुछ चीजों को कुदरत के नियमों के विरुद्ध भी चला सकने में सक्षम है। 



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