Biggest Machines In The World दुनिया में सबसे बड़ी मशीनें

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दुनिया में सबसे बड़ी ट्रांसपोर्ट मशीनें

इस वर्ल्ड में इतने बड़े मशीनरी और इंजीनियरिंग वर्क्स मौजूद हैं जिनको एक बार में पूरा देखना भी शायद मुश्किल हो।इन दबे MACHINES का सबसे अच्छा EXAMPLE है सबमरीन्स, ट्रेंस, नुक्लेअर रिएक्टर्स। पर क्या अपने कभी सोचा है की जब यह बड़े Machines फैक्ट्री में Manufacture हो जाते हैं तो उसके बाद यह अपनी Working Place तक कैसे पहुंचाए जाते हैं। इतनी बड़े और भारी भरकम सामान या फिर ये कहें कि Machine को उठाना कोई बच्चों का खेल तो नहीं होता होगा न।

तो हम आपकी जानकारी के लिए बता दे की इन Machines को एक जगह से दूसरी जगह पर ट्रांसपोर्ट करना बहुत ही मुश्किल काम होता है, इस पुरे ट्रांसपोर्टेशन प्रोसेस में लाखों रूपये का खर्चा और एक्यूरेट कॅल्क्युलेशन्स की जरुरत पड़ती है। इतना ही नहीं इसमें बहुत सी मेन पावर का इस्तेमाल होता है। एक छोटी सी मिस्टेक और मैन्युफैक्चरर को भारी भरकम नुक्सान उठाना पड़ सकता है। इसलिए इस चीज में PRESENCE OF MIND बहुत काम करती है। अब तक न जाने कितनी ऐसी बड़ी MACHINES को ट्रांसपोर्ट किया गया है। और उन में से कुछ ख़ास ट्रान्सपोर्टेशनस की लिस्ट आज हम आपके सामने जारी करने वाले हैं।

सबसे पहले हम बात करने वाले हैं एक आयल रिग का। इस मशीन का इस्तेमाल जमीन के अंदर मौजूद आयल को एक्सट्रेक्ट करने के लिए किया जाता है। इस मशीन का वजन काफी ज्यादा होता है, और नार्मल लोग इसको नहीं उठा सकते है। अब इस मशीन की टांस्पोर्टेशन के लिए एक ऐसे जैक की जरुरत पड़ी जो इसको आसानी से और बिना नुक्सान पहुंचाए उठा सके। इसी जरुरत को ध्यान में रखते हुए एल कम्पनी ने एक ऐसा जैक बनाया जो इस मशीन को ट्रांसपोर्ट करने के लिए एकदम परफेक्ट था। इन जैक्स को चार टावर की शेप में लगाया गया और हर एक टावर में अलग अलग मेगा जैक को फिट किया गया, ताकि एक मशीन के वजन को आसानी के साथ हैंडल कर सकें। आपको यह जानकार हैरानी होगी की कॅल्क्युलेशन्स के हिसाब से उस समय हर टावर ने लगभग 15000 टन का भार उठाया हुआ था। यह पूरा कारनामा DEAWOO शिपयार्ड्स में हुआ था, जिसमें पूरे 42000 TON वजन को ट्रांसपोर्ट किया गया था। यह अब तक के समय का सबसे भारी ट्रांसपोर्टेशन था, जिसको पूरा करने में पुरे 11 घन्टे का टाइम लगा था। फाइनली इसको इसके ड्रिलिंग लोकेशन पर पहुंचाया गया। 

अब हम बात करने वाले हैं होम ट्रांसपोर्टेशन की। जी हाँ सही सुना आपने घर को एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाना। अब तक अपने देखा होगा कि जब भी किसी को अपना घर शिफ्ट करना होता है तो वह अपना समान और फर्नीचर बाँध कर जगह से दूसरी जगह रहने चलें जाते हैं, पर उनका मकान वही का वही रहता है। अपनी जगह से उठके उनका मकान कहीं नहीं जाता बस लोग इधर से उधर हो जाते हैं। पर बहुत से पश्चिमी देशो में होम ट्रैंपोर्टेशन आम बात है। ऐसा ही वाकया सनिनटोनिओ में हुआ जहाँ पर फेयरमोंट होटल को एक जगह से उठाकर दूसरी जगह पर ट्रांसपोर्ट किया गया था। इसके पीछे एक ख़ास वजह थी जिस जगह पर यह ऐतिहासिक होटल बना हुआ था उसी जगह से सरकार एक रोड बनाना चाह रही थी, पर इस होटल की वजह ऐसा करना मुमकिन न था। 

इस होटल की ऐतिहासिकता को द्देखते हुए सर्कार और होटल मालिक के बीच यह समझौता हुआ कि इस होटल की इमारत को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया जाएगा। इस ट्रांसपोर्टेशन प्रोसेस में पूरे 6 दिन का समय लगा जिसे पुरे 288 टायर्स पर बबने जैक्स की मदद से इधर से उधर किया गया और इसको उठाने  में 380 आदमियों की मदद लगी। इस ट्रांसपोर्टेशन की पूरी जिम्मेदारी EMMERT INTERNATIONAL नाम की कम्पनी ने ली। यह 1985  की सबसे बड़ी ट्रांसपोर्टेशन बनी और पूरा शहर इसको देखने के लिए इकठा होगया था। यह HOTEL आज भी बिलकुल सही हालत में अपने स्थान पर खड़ा है।

3.अब बारी है सबमरीन्स हैं। इनकी विशालता को कौन नहीं जानता और जाहिर सी बात है कि अगर यह दिखने में बड़ी हैं तो उठाने में भारी भी जरूर होंगी। लेकिन अगर जरूरत पड़े तो इनको बभी ट्रांसपोर्ट करनेकी जरूरत तो पड़ती ही है। ऐसा ही वाक्य नॉर्थेर्न SEA रूट पर देखने को मिला जहां पर एक साथ 2 अकोला सबमरीन्स को एक ही जहाज पर लोड कर चलाया गया। इन सबमरीन्स को पानी में से निकालने की एक मात्र वजह थी इन सबमरीन्स में आयी तकनीक खराबी जिनको रिपेयर करने की जरूरत थी। इनको वर्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया क्योंकि एक बार में 2 सबमरीन्स का एकसाथ ट्रांसपोर्टेशन किया गया था।

विंडमिल्स यानी की पवन चक्की की ट्रांसपोर्टेशन भी आसान नहीं। यह देखने में बेशक हल्की लगती है पर नजदीक से देखने पर बहुत विशाल लगती है। इसका एक ब्लेड कम से कम 290 FT लम्बाई का होता है। MANUFACTURING होने बाद इसकी ट्रांसपोर्टेशन के लिए कम्पनी को साथ के साथ तैयारी रखनी पड़ती है। इनको एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसपोर्ट करने के TRUCKS की स्पीड और तुरंस का ख़ास ध्यान रखना पड़ता है, जिसके लिए कुछ स्पेशल कॅल्क्युलेशन्स भी की जाती हैं। इस ट्रांसपोर्टेशन प्रोसेस में काफी क्लेवर मंद की जरूरत पड़ती है।

हम सब ने नासा के स्पेस शटल एंडेवर के बारे में जानते ही होंगे यह एक ऐसे स्पेस शटल है, जिससे को कई बार स्पेस में भेजा गया पर कुछ सालों बाद कुछ तकनीक खराबी की वजह से इस शटल को रिटायर कर दिया गया। रेटिरमेंट के बाद इसको एक म्यूजियम में जगह दी गयी। स्पेस एजेंसी से म्यूजियम तक पहुँचाने के लिए इसको 28 टायर्स वाले ट्रक पर लोड किया गया। इसको लोड करते समय सबसे ज्यादा परेशानी इसको उठाने में आयी थी क्योंकि इसका कुल वजन 78 टन था। यह अपन आप एक सराहनीये कार्य था।



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